मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कंबाइन हार्वेस्टर को टोल टैक्स से मुक्त कर दिया है। इस निर्णय से हार्वेस्टर के एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन की लागत घटेगी, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और खेती की लागत कम होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है और यह कदम उसी दिशा में उठाया गया है।
इसी के साथ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई सड़क विकास निगम की बैठक में कई अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इंदौर-उज्जैन और उज्जैन-जावरा के बीच नई सड़कों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिन्हें नॉन एक्सेस कंट्रोल प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाएगा। इसके अलावा पश्चिमी भोपाल बायपास के नए मार्ग को भी मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, दूसरी ओर राज्य में MSP पर गेहूं की सरकारी खरीद में देरी को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसान संगठनों ने सरकार पर व्यवस्थाओं में लापरवाही का आरोप लगाया है। भारतीय किसान संघ के मालवा प्रांत के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पटेल ने कहा कि हर साल मार्च के मध्य तक खरीद शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार लगातार तारीख आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने सरकार द्वारा प्लास्टिक बोरियों की कमी का हवाला देने को भी गलत बताया।
किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। वहीं सरकार ने घोषणा की है कि किसानों को गेहूं पर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल MSP के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा।



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