राजवाड़ा पर पहुंची रसिया कॉर्नर की गेर में
सबसे आगे गायक भजन गाते हुए चल रहे हैं। पीछे युवकों की टोली डांस कर रही है। एक गाड़ी
से रंग से भरे गुब्बारे लोगों पर फेंके जा रहे हैं। माहौल में गजब का उत्साह है।
पहली बार मुख्यमंत्री होंगे गेर में शामिल
मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इंदौर की इस परंपरा के साक्षी बनेंगे। यह आजाद भारत में पहला मौका है जब प्रदेश का मुख्यमंत्री इंदौर की गेर में शामिल होने वाला है। वे करीब दो से ढाई घंटे गेर में भाग लेंगे और लोगों पर रंग उड़ाएंगे। मध्य क्षेत्र के पांच किलोमीटर लंबे रुट पर गेर में शामिल मिसाइलें आसमान को सतरंगी करते हुए चलेगी। इसके अलावा रंगों से सराबोर करने वाली पिचकारियां भी गेर में शामिल होगी। भजन मंडलिया, डीजे, ढोल नगाड़े उत्सव में चार चांद लगाएंगे। पांच से ज्यादा गेर शनिवार सुबह दस बजे से निकलेगी और खजूरी बाजार, मल्हारगंज, टोरी कार्नर, सराफा, गौराकुंड चौराहा से होकर गुजरेगी। गेर में अमीर गरीब का भेद होगा, न उम्र का अंतर झलकेगा। बच्चे, बुढ़े-जवान का उत्साह एक समान होगा। सबकुछ एकरंग होगा और सबके मन एकाकार।
100 साल पुरानी परंपरा कोविड में हुई थी ब्रेक
इंदौर में 100 साल से गेर निकालने की परंपरा है। कोविड के दो साल यह परंपरा ब्रेक हुई। तब गेर नहीं निकल पाई थी। हर साल इसमें लाखों लोगों की भीड़ जुटती है। नगर निगम गेर समाप्त होने के बाद पूरे रुट पर सफाई अभियान चलाएगा।
राजवाड़ा को किया कवर
इंदौर में निकलने वाली रंगपंचमी की गेर के लिए राजवाड़ा क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों, महलों आदि सभी स्थानों को प्लास्टिक शीट और अन्य सामग्री से पूरी तरह से ढंक दिया गया है। प्रशासन ने राजवाड़ा महल को चारों तरफ से शीट से कवर किया है। गोपाल मंदिर, सराफा बाजार सहित अन्य दुकानों, घरों को भी रंगपंचमी पर रंगों से बचाने के लिए ढंका गया है।
रसिया कॉर्नर की पहली गेर राजवाडा पर आई
रसिया कॉर्नर की पहली गेर राजवाड़ा पर पहुंच गई है। हजारों की संख्या
में लोग पहले ही राजवाड़ा पहुंच चुके हैं। प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। गेर मार्ग
पर रहने वालों ने घरों को रंग से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।


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