इंदौर में रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। शहर के ऐतिहासिक स्थल राजवाड़ा को भी गेर में दूर तक उड़ने वाले रंगों से बचाने के लिए ढंका जा रहा है। इसके अलावा सराफा के दुकानदार भी अपने भवनों को प्लास्टिक से एक दिन पहले ढंकेंगे।बता दें कि चार साल पहले ही राजवाड़ा पर 35 करोड़ रुपये खर्च कर उसका सौंदर्यीकरण किया गया है। इस कारण हर साल उसे अब रंगों से बचाया जाता है। नगर निगम ने भी गेर को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। सड़कों से केबल तार हटाए जा रहे हैं। इसके अलावा गेर मार्ग पर खतरनाक मकान चिह्नित कर लिए गए हैं। उन मकानों पर दर्शक खड़े होकर गेर का आनंद नहीं उठा सकेंगे।
उधर गुरुवार को निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने गेर मार्ग का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने गेर में शामिल होने वाले वाहनों की संभावित संख्या और मार्ग की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जहां-जहां आवश्यकता हो वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी व सूचना बोर्ड लगाए जाएं। उन्होंने गेर मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने और नियंत्रण कक्ष से मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि गेर के पहले सभी स्थानों की सफाई अच्छे से की जाए।
गेर के दौरान सड़कों पर खूब कचरा, गुलाल और फूटे गुब्बारे बिखरे पड़े रहते हैं, लेकिन दोपहर ढाई बजे जैसे ही गेर समाप्त होगी, आधे घंटे के भीतर सड़क साफ की जाएगी। नगर निगम ने इसके लिए विशेष अमला तैयार किया है। हर बार सड़क को गेर समाप्त होने के बाद साफ किया जाता है, ताकि स्वच्छ शहर वाली इंदौर की छवि कायम रहे।



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