इंदौर में जलसंकट पर फूटा जनता का गुस्सा, रिंग रोड पर चक्का जाम कर किया प्रदर्शन


इंदौर में गर्मी के साथ ही जलसंकट की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। पानी की बूंद-बूंद को तरसते लोगों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। आज विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 के अंतर्गत आने वाले रिंग रोड पर बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित जनता ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क पर बैठकर वाहनों के पहिए थाम दिए। चक्का जाम की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और समय रहते ट्रैफिक व्यवस्था को बहाल कराते हुए प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।

प्रदर्शन कर रहे रहवासियों का आरोप है कि वे पिछले तीन महीने से पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र में नर्मदा की पाइपलाइन तो बिछी है, लेकिन उसमें बमुश्किल आधा घंटा ही पानी की सप्लाई होती है। इस आधे घंटे में भी शुरुआती 10 मिनट तक इतना गंदा और बदबूदार पानी आता है कि उसका इस्तेमाल पीने के लिए करना तो दूर, अन्य कामों के लिए भी नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों ने हाल ही में भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों का हवाला देते हुए कहा कि इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी नगर निगम प्रशासन सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के पार्षद को रोजाना इस समस्या से अवगत कराया जाता है, लेकिन न तो टैंकरों की कोई व्यवस्था की जा रही है और न ही पानी की सप्लाई में सुधार हो रहा है। थक-हारकर आज लोगों को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।

आंदोलन कर रहे नागरिकों का कहना है कि जलसंकट के कारण उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। लोगों को सुबह अपने नौकरी-धंधे और रोजगार पर जाने के बजाय दूर-दराज के इलाकों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। रहवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि निगम द्वारा जनता से हर तरह के टैक्स और शुल्क समय पर वसूले जाते हैं, लेकिन जब मूलभूत सुविधा के रूप में पानी देने की बात आती है, तो प्रशासन पूरी तरह पंगु नजर आता है। इस स्थिति में आम जनता का जीना मुहाल हो चुका है।

इस पूरे मामले पर क्षेत्र के विधायक महेंद्र हार्डिया ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पानी की भारी कमी की जानकारी उन्हें मिली है। इस संबंध में इंदौर महापौर और नगर निगम कमिश्नर से चर्चा कर पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। विधायक हार्डिया के अनुसार, इस बार जमीनी जलस्तर अत्यधिक नीचे जाने और बोरिंग सूखने के कारण हालात ज्यादा बिगड़ गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रभावित इलाकों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने की तत्काल व्यवस्था की जा रही है और जल्द ही आम जनता को इस परेशानी से राहत दिलाई जाएगी।

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