लोकायुक्त छापे में संयुक्त संचालक के पास करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

 

इंदौर। महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदौर में लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के यहां करोड़ों रुपये की संपत्ति सामने आई है। प्रारंभिक जांच में उनकी ज्ञात आय की तुलना में लगभग 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का दावा किया गया है।

लोकायुक्त के अनुसार कंडवाल की कुल वैध आय करीब 2.80 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि अब तक लगभग 9.76 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का पता चला है। इस आधार पर करीब 6.96 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है।

सामने आई प्रमुख संपत्तियां

  • सोनवाय (इंदौर) में कृषि भूमि – ₹6.64 लाख
  • तारपुरा (धार) में 2.560 हेक्टेयर कृषि भूमि – ₹9.36 लाख
  • स्कीम-103 स्थित आनंद विहार (इंदौर) में 13,560 वर्गफीट का जी+3 मकान – ₹2.66 करोड़
  • आईडीए योजना-140 में दो प्लॉट – ₹21.90 लाख और ₹15.34 लाख
  • बनेडिया (धार) और तारपुरा-पीथमपुर क्षेत्र में कई कृषि भूमि, जिनकी संयुक्त कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।
  • बेकल्या (पीथमपुर) में कृषि भूमि, जिनमें एक संपत्ति की कीमत लगभग ₹2.28 करोड़ बताई गई है।

बैंक लॉकर भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान बैंक ऑफ इंडिया की सराफा शाखा में एक लॉकर का भी पता चला है। लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि लॉकर की जांच अभी शेष है और उससे जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य संभावित संपत्तियों की पड़ताल की जा रही है।

और खुलासों की संभावना

लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों का वास्तविक मूल्य और बढ़ सकता है। मामले में दस्तावेजों की जांच के साथ बैंक खातों और निवेशों की भी पड़ताल की जा रही है

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