देअविवि कर्मचारी गैर शिक्षक संघ के महासचिव ने उठाई विवि कर्मचारियों की समस्याएं

 अभा विवि कर्मचारी महासंघ का राष्ट्रीय सम्मेलन हैदराबाद में 


हैदराबाद। अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ का 15वां राष्ट्रीय सम्मेलन उस्मानिया विवि हैदराबाद में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर की ओर से कर्मचारी संघ के महासचिव कमल जायसवाल ने जनरल सेक्रेटरी की रिपोर्ट पर विचार व्यक्त करते हुए देश एवं प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर रखा।

श्री जायसवाल ने संबोधन में विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित कर्मचारी, स्थाईकर्मी एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए समान कार्य-समान वेतन, नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, पुरानी पेंशन योजना की बहाली तथा सेवानिवृत्त कर्मचारी साथियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान पेंशन प्रदान किए जाने की मांग प्रमुखता से रखी।

श्री जायसवाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे दैनिक वेतन भोगी एवं स्थाई कर्मचारियों के हितों एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को महासंघ के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल किए जाने के लिए तथा सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय कराने के लिए पहल की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विवि कर्मचारी शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके हितों की अनदेखी किए बिना उनके सम्मान, सेवा सुरक्षा, वेतनमान एवं भविष्य की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने महासंघ के राष्ट्रीय मंच से कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए एकजुट होकर संघर्ष एवं संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। राष्ट्रीय सम्मेलन में देअविवि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चैनसिंह यादव, सहसचिव महेश श्रीवास, कार्यकारिणी सदस्य कमलेश हार्डिया, सूरज कुशगोतिया, अजय मुजाल्दा, पूर्व अध्यक्ष  अनिल यादव, पेंशन संघ के सहसचिव श्यामलाल जायसवाल, महेंद्र राठौर सहित प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। देअविवि कर्मचारी गैर-शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष राकेश सिलावट, प्रवक्ता सियावती लोनारे, सह-सचिव प्रकाशचंद्र सूर्या, कोषाध्यक्ष राममनोरथ बैगा, कार्यकारणी सदस्य नितेश सिरसाठ, उन्मेश भालेराव, सुरेश गुहे, दुर्गेश जोशी, दीपक मेहता, कमलसेन आहिरवार ने राष्ट्रीय मंच पर विवि कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाए जाने को महत्वपूर्ण पहल बताया है।

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