इंदौर। लोकायुक्त ने कार्यालय कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 पुनासा जिला खण्डवा को तकनीकी कक्ष में 14 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैक किया है। सिक्योरिटी डिपोजिट की राशि आवेदक को वापस करने के एवज में रिश्वत मांगी जा रही थी। आवेदक लखन पिता जगराम राठौर निवासी ग्राम धूलवाडा तहसील सनावद जिला खरगोन ने 10 सितंबर को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी कि एनव्हीडीए पुनासा जिला खण्डवा चौकीदार कक्ष एवं जनरेटर कक्ष बनाने का ठेका 2024 में लिया था। आवेदक द्वारा उक्त कार्य एक वर्ष में पूर्ण कर भुगतान के लिए बिल एनव्हीडीए कार्यालय पुनासा में जमा किए गए गए। आवेदक को लगभग 13 लाख का भुगतान प्राप्त हो चुका है। शेष राशि का भुगतान एवं आवेदक द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी डिपोजिट की राशि आवेदक को वापस करने के एवज में अशोक पिता स्व. मंजुलाल गौतम उपयंत्री, नर्मदा घाटी, पुनासा जिला खण्डवा कार्यालय कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग कमांक-28 पुनासा जिला खण्डवा निवासी शासकीय आवास जी-253, डेम कालोनी, नर्मदा नगर जिला खण्डवा द्वारा 55 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय द्वारा शिकायत का सत्यापन करवाया गया। शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा आवेदक से 55 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई। जिस पर आज पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के मार्गदर्शन में निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम गठित कर ट्रेप कार्रवाई की गई।जिसमें आरोपी अशोक गौतम को शिकायतकर्ता से 14 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों ट्रेप किया गया श। आरोपी के विरूद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। ट्रेपकर्ता अधिकारी निरीक्षक सचिन पटेरिया, प्रधान आरक्षक विजय कुमार, प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक कमलेश परिहार, आरक्षक शैलेन्द्र सिंह बघेल, आरक्षक कृष्णा अहिरवार की टीम द्वारा कार्रवाई की गई।



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