बिजली कटौती राष्ट्रव्यापी संकट, कर्मचारी दोषी नहीं

 


इन्दौर। वर्तमान में प्रदेश के फिलहाल ग्रामीण  इलाकों में बिजली बंद होने से उपभोक्ता, किसान भाई, विद्युत ग्रिड सब स्टेशनों पर जाकर हंगामा कर  रहे है, ड्यूटी पर तैनात वर्कर्स से दुर्व्यवहार, मारपीट करते है, और विद्युत उपकरणों को क्षति  पहुंचाने का प्रयास  करते है, जब कि बिजली कटौती राष्ट्रव्यापी संकट है। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वीकार कर रहे है। इस संबंध में मप्र  विद्युत कर्म संघ फेडरेशन इन्दौर के झोनल  सेक्रेटरी एनके यादव ने विद्युत उपभोक्ता और  किसान भाईयों से अनुरोध किया है कि ग्रिड सब स्टेशनों पर कर्तव्य का पालन कर रहे वर्कर्स का बिजली कटौती में कतई दोष नहीं है, वे भी समाज के अभिन्न अंग है, तन्मयता से तमाम अभावों, असुविधाजनक वातावरण के बावजूद  उपभोक्ता सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहते है, उनसे सौजन्य और सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखें, सहयोग  करें, जिससे उनका मनोबल बना रहे। एनके यादव ने जानकारी दैते हुए व्यावहारिक  कठिनाइयों की ओर विद्युत कंपनी के प्रबंध  निदेशक को मैसेज भेज कर ध्यान आकर्षित  कराया है कि जवाबदार अधिकारी मुख्यालय  पर नहीं रहते है, जिससे विपरीत परिस्थितियों में जन आक्रोश आउट सोर्स वर्कर्स झेलते है, रहना तो दूर जवाबदार अधिकारी अपना फोन तक स्वीच आफ रखते है। वर्कर्स  किससे बात करें। ग्रिड  सब स्टेशनों पर रात में नियमित स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाए और सीसीटीवी लगाए जाएं, जिससे निगरानी रखी जा सके।

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