सनातन संस्कृति की आत्मा सम्मान में निहित है- महामंडलेश्वर

 


हनुमान धाम में अधिकारियों का सम्मान

इंदौर। एकादशी पर पिपलिया लोहार स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर एवं खेड़ापति आश्रम शिवनगर धार्मिक आस्था, सामाजिक सम्मान और सनातन समरसता का जीवंत केंद्र बना। महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 हनुमंत साधक राजगुरु महाराज के सान्निध्य में आयोजित  कार्यक्रम में क्षेत्र के एसडीएम राकेश परमार, तहसीलदार जसदीप रावत एवं पटवारी अमित सरवन का सम्मान किया गया।

महामंडलेश्वर राजगुरु महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति की आत्मा सम्मान में निहित है। समाज और प्रशासन दोनों की मजबूती के लिए कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों का सम्मान आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आश्रम द्वारा समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मान की परंपरा निभाई जा रही है। स्वागत भाषण शिवनगर पंचायत की सरपंच दुर्गा अशोक जरिया ने दिया। 

अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग महासेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि धर्म का मूल उद्देश्य समाज को जोड़ना है। राजगुरु महाराज धर्म के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने जात-पात से ऊपर उठकर “हिंदू हिंदू भाई-भाई” की भावना को अपनाने का आह्वान किया।

एसडीएम ने आश्रम के कार्यों की सराहना

एसडीएम परमार ने आश्रम द्वारा किए जा रहे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से आश्रम के जनहितकारी प्रयासों में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने पूर्व सरपंचों की उपस्थिति को सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण बताया।

अतिथियों का स्वागत पत्रकार बीडी तिवारी ने किया। अंत में सभी ने मालवी व्यंजनों का  आनंद लिया। विनोद शास्त्री, अशोक जरिया, मनोहर मस्करा, तुलसीराम केलवा, विजय पाटीदार, बृजेश गोस्वामी, सुभाष पाटीदार, सुदीप पाटीदार, मुकेश पाटीदार, कुंदन ठाकुर, जितेंद्र गिरी, दिनेश पुरी, राजा पुरी, उमराव ठाकुर, दीपक लालवानी, विश्वनाथ बुंदेला, इंदर पटेल, भगवान ठाकुर, गोपाल जरिया सहित गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। संचालन शिक्षाविद अरुण पांडेय ने किया। आभार सरदार मनदीप सिंह बाजवा ने माना।

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