इंदौर। लोकायुक्त ने 15 हजार रुपए की रिश्वत के मामले में अंजड़ थाने के उपनिरीक्षक और आरक्षक पर केस दर्ज किया है। आरोपियों ने 50 हजार रुपए नहीं देने पर आवेदक को उल्टा केस में फंसाने की धमकी दी थी। आवेदक जयराज पिता भगवान चौधरी की अंजड़ के एमजी रोड सराफा बाजार में ज्वेलरी की दुकान है और वह ऊर्जा की सामग्री की सप्लाई भी करता है। एक वर्ष पूर्व भारत बर्फा नामक व्यक्ति की आत्महत्या के केस में जयराज को उप निरीक्षक महावीर चंदेल ने पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। 24 जनवरी 26 को आरोपी उपनिरीक्षक महावीर सिंह चंदेल और आरोपी आरक्षक पवन प्रजापति अंजड़ न्यायालय के पास आवेदक से मिले और उपनिरीक्षक ने आवेदक से कहा कि इस केस में आपको परेशान नहीं किया है। अब कैस खत्म कर देंगे।
आरक्षक प्रजापति आपकी दुकान पर आएगा, उसको 50 हजार रुपए खर्चा पानी हमारे लिए देना, नहीं तो केस में उल्टा फंसा देंगे। आपके और भी केस थाने में हैं। जयराज ने इसकी लिखित शिकायत राजेश सहाय, पुलिस अधीक्षक, विपुस्था, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में की थी। सत्यापन में शिकायत सही पाई गई और आवेदक द्वारा आरोपी आरक्षक प्रजापति से संपर्क किया तो आरक्षक प्रजापति ने आवेदक से 15 हजार रुपए उसी समय ले लिए और बाकी 15 हजार रुपए और बाद में देने की बात हुई।
आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण सशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के अतर्गत लोकायुक्त विपुस्था में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना जारी है।उप पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर सुनील तालान, आरक्षक विजय कुमार, आशीष नायडू, रामेश्वर निंगवाल, कमलेश परिहार, आदित्य भदौरिया ट्रैपदल में शामिल थे।



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