- इंदौर में पानी पर संग्राम, जनता त्रस्त
- टैंकरों की लड़ाई में पिस रही जनता
- जलसंकट बना राजनीतिक अखाड़ा
तलाश समाचार, इंदौर
नगर निगम अफसरों की लापरवाही के कारण शहरवासी पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। पानी का संकट इतना गहरा गया है कि अपने-अपने क्षेत्र में टैंकर से पानी वितरण को लेकर दो पार्षद आपस में भिड़ गए। दोनों नेताओं के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि उनके समर्थक भी आमने-सामने आ गए। इसी तरह विधान क्षेत्र 02 में कांग्रेसियों ने पानी को लेकर गौरी नगर चौराहे पर हंगामा किया और धरने परे बैठ गए।
निगम अफसरों की लापरवाही का खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है। गर्मी के मौसम में निगम ने करीब 500 टैंकर तो चला दिए, लेकिन टैंकर भरने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इससे नेताओं में भी सिरफुटौव्वल शुरू हो गई है। इसकी बानगी नेहरू नगर क्षेत्र के विकास नगर में देखने को मिली, जहां पानी के टैंकर को लेकर वार्ड 45 की कांग्रेस पार्षद सोनिला मिमरोट और वार्ड 26 के भाजपा पार्षद लाल बहादुर वर्मा आपस में भिड़ गए। दोनों नेताओं के समर्थक भी मौके पर पहुंच गए, जिससे विवाद बढ़ गया। मामले की जानकारी पुलिस को मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और समझाइश देकर मामला शांत कराया गया।
टैंकर हैं, पानी नहीं
नगर निगम अफसरों की लापरवाही का आलम यह है कि निगम ने घर-घर पानी सप्लाई के लिए करीब 500 टैंकर चला दिए हैं। इस तरह निगम हर दिन करीब साढ़े बारह लाख रुपए टैंकरों के किराये पर खर्च कर रहा है। इसके बाद भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे शहर में जलसंकट लगातार गहराता जा रहा है।
52 निजी हाइड्रेंट कब्जे में
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने टैंकर भरने के लिए शहर के 52 निजी हाइड्रेंट भी अपने नियंत्रण में ले लिए हैं। इसके बाद भी शहर में पानी के टैंकर भरने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। बताया जाता है कि निगम के आधे हाइड्रेंट ने काम करना बंद कर दिया है। इससे निगम के सामने टैंकर भरना बड़ी चुनौती बन गया है। जबकि निगम अफसर इस समस्या से निपटने के लिए अब तक कोई कारगर नीति तैयार नहीं कर सके हैं।
जनता और नेता
नगर निगम चुनाव करीब एक वर्ष बाद होने वाले हैं। इसके चलते सभी नेता अपने-अपने क्षेत्र में प्रभाव जमाने में जुट गए हैं। कहीं जनता के मुद्दों को लेकर कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है तो कहीं पार्षद आपस में भिड़कर अपना प्रभाव जमाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं भाजपा नेता किसी भी तरह अपने क्षेत्र की जनता को पानी उपलब्ध कराने में लगे हुए हैं।
शिकायतों की अनदेखी
शहर में गंदे और दूषित पानी की सप्लाई के साथ ही कई क्षेत्रों में कम प्रेशर से पानी सप्लाई होने की शिकायतें सीएम हेल्पलाइन और इंदौर 311 ऐप पर लगातार दर्ज हो रही हैं। लेकिन निगम के जिम्मेदार अफसर इन शिकायतों का समयसीमा में निराकरण नहीं कर रहे हैं। इससे परेशान शहरवासी अब निगम अफसरों और नेताओं को कोसने लगे हैं।





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