रिश्वत मामले में क्राईम ब्रांच के 2 तत्कालीन सिपाही, 1 ड्राइवर, एक अन्य व्यक्ति पर केस


शिकायत पर कार्रवाई न करने के एवज में मांगी 1.20 लाख रुपए रिश्वत

इंदौर। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश पर उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के नेतृत्व में लोकायुक्त इंदौर संभाग द्वारा रिश्वत मांग के आधार पर कार्रवाई आज अपराध पंजीबद्ध किया गया। 

शिकायतकर्ता प्रिती पति राजेश हजारी, निवासी-तुलसी नगर इंदौर ने 2 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत आवेदन पत्र प्रस्तुत कर शिकायत की थी कि आवेदिका के पुत्र प्रांजल हजारी को एक शिकायत के आधार पर क्राईम ब्रांच कार्यालय इंदौर में बुलाया गया था, उक्त शिकायत में कार्रवाई न करने एवं प्रांजल को छोड़े जाने के लिए तत्कालीन निरीक्षक, अपराध शाखा इंदौर, तत्कालीन आरक्षक, अपराध शाखा (क्राईम ब्रांच) इंदौर, अभय सिंह ड्राइवर एवं दीपक पटेल, अन्य व्यक्ति निवासी-इंदौर ने प्रांजल से 1 लाख 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई। 50 हजार 800 रुपए यूपीआई से प्रायवेट व्यक्ति दीपक पटेल को ट्रांसफर करवाकर छोडा गया तथा शेष राशि 70 हजार रुपए अगले दिन नकद प्राप्त किए गए। 

शिकायतकर्ता द्वारा अपने शिकायत पत्र के साथ तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध कराए गए। शिकायत पर लोकायुक्त संभाग इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने शिकायत का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का अध्ययन कर शिकायत की सत्यता की जांच की गई। शिकायत सही पाए जाने पर आज आरोपी सुजीत श्रीवास्तव, तत्कालीन निरीक्षक, अपराध शाखा (क्राईम ब्रांच) इंदौर, अभय सिंह ड्राइवर, विकास सेंधव, तत्कालीन आरक्षक, अपराध शाखा (क्राईम ब्रांच) इंदौर एवं दीपक पटेल, प्रायवेट व्यक्ति निवासी इंदौर के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 एवं 61 (2) बीएनएस 2023 के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

Post a Comment

0 Comments