इंदौर। श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय, इंदौर में भारतीय भौतिकी शिक्षक संघ (IAPT), रीजनल काउंसिल-09, मध्यप्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय 13वीं राष्ट्रीय छात्र भौतिकी संगोष्ठी (NSSP–2026) का समापन 31 अक्टूबर 2026 को गरिमामय समारोह के साथ हुआ। संगोष्ठी में देश के 10 राज्यों के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से 125 से अधिक विद्यार्थियों एवं युवा शोधकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. कौस्तुभ आर.एस. प्रियोलकर (निदेशक, यूजीसी-डीएई सीएसआर) तथा विशेष अतिथि प्रो. (डॉ.) पी.के. अहलूवालिया राष्ट्रीय अध्यक्ष, IAPT के रूप में उपस्थित रहे। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्यों एवं वैज्ञानिक विचारों को प्रस्तुत किया तथा देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों के साथ ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को वैज्ञानिक संस्थानों एवं नवाचार केंद्रों के शैक्षणिक भ्रमण का अवसर भी मिला। प्रतिभागियों ने राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (RRCAT), प्रकाश विज्ञान संग्रहालय एवं AIC-Pi-Hub का भ्रमण किया। इस दौरान RRCAT के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बी. एन. उपाध्याय ने लेज़र भौतिकी तथा डॉ. अमलेंदु शर्मा ने त्वरक भौतिकी एवं उसके विभिन्न अनुप्रयोगों पर व्याख्यान दिए।
समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) योगेश चंद्र गोस्वामी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक जिज्ञासा, शोध-आधारित शिक्षा एवं नवाचार को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। आयोजन सचिव डॉ. नीतू कटारिया ने संगोष्ठी का विस्तृत आयोजन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. पी. के. दुबे ने संगोष्ठी की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी एवं प्रेरणादायी पहल बताया। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. उत्तम शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह में उत्कृष्ट शोध कार्यों एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियों के लिए चयनित प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ने विद्यार्थियों एवं युवा शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, भौतिकी एवं अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाने तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। राष्ट्रगान के साथ संगोष्ठी का गरिमामय समापन हुआ।




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