गांव में भी डिजिटल इंडिया का चलन

 

पेटलावद। भारत सरकार की पहल पर डिजिटल इंडिया के तहत डिजिटल पेमेंट और ऐसे ही अन्य तकनीकी क्षेत्र में बढ़ रहा है ग्रामीण अंचल फोनपे, गूगल पे, पेटीएम जैसे डिजिटल पेमेंट अब हर गांव के छोटे  व्यापारी से लेकर बड़े व्यापारी और ठेलागाड़ी पर अपना सामान सब्जी, फ्रूट बेचने वाले, चाय ठेला वाले भी ग्राहकों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उन्हें काफी सुविधा हो गई है।

 फ्रूट विक्रेता राहुल पाटीदार बताते है कि डिजिटल पेमेंट से ग्राहकों को और हमें सुविधा हो गई है। पहले खुल्ले पैसों की कमी रहती थी। कई बार ग्राहक बिना सामान लिए चले जाते थे, लेकिन अब न खुल्ले पैसों की झंझट है न ही नगद की, होटल व्यवसायी जितेंद्र सेठिया बताते है कि जब से यह सुविधा प्रारंभ हुई तभी से हमारे ग्राहक डिजिटल पेमेंट ही करते है। 

गांव के युवा  तरुण राठौड़ बताते है कि में बाजार में  खरीदारी करने जाता हूं तो फोनपे से ही खरीदी करता हूं। इससे हमारे बैंकों में जो खाते निष्क्रिय पड़े थे पर थे वो पुनः सक्रिय हो गये है। छात्र वासुदेव भाबर कहते है कि अब जेब में पॉकेट रखने की जरूरत ही नहीं रही। इससे हमें काफी सुविधा उपलब्ध हो गई।

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