हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी मनाई जाती है। आंवला नवमी को अक्षय नवमी के नाम से भी जाना जाता है। अक्षय नवमी को विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा के लिए जानी जाती है। साथ ही इस दिन आंवले के पेड़ की भी पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार अक्षय नवमी के दिन किया गया पुण्य कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन जो भी शुभ कार्य, जैसे- दान, पूजा, भक्ति, सेवा आदि किए जाते हैं, उनका पुण्य कई जन्मों तक प्राप्त होता है। ऐसे में आइए जानते हैं आंवला नवमी की पूजा, मुहूर्त, विधि, सामग्री और महत्व।
आंवला नवमी तिथि 2024
- नवमी तिथि प्रारम्भ - नवम्बर 09, 2024 को 10:45 PM
- नवमी तिथि समाप्त - नवम्बर 10, 2024 को 09:01 PM
पूजा शुभ मुहूर्त 2024
10 नवंबर को सुबह 7 बजकर 5 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक। इसके बाद अपरान्ह 1 बजकर 20 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
आंवला नवमी पूजन सामग्री
आंवला नवमी पूजा के लिए हल्दी, कच्चा दूध, कुमकुम, अक्षत, फूल और चंदन चाहिए।
आंवला नवमी पूजा विधि
- आंवला नवमी के दिन महिलाएं सुबह स्नान करके आंवले के पेड़ के नीचे साफ-सफाई करें।
- इसके बाद आंवले के पेड़ के नीचे पूर्व दिशा में खड़े होकर जल और दूध चढ़ाएं।
- फिर आंवले के पेड़ के चारों ओर रुई लपेटें और 7 बार परिक्रमा करें।
- अंत में, आंवले की आरती करके परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
आंवला नवमी महत्व
आंवला नवमी की पूजा उत्तर भारत में प्रमुखता से की जाती है। इस दिन, आंवले के पेड़ के नीचे भोजन पकाया जाता है और परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करते हैं। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और देवी अन्नपूर्णा की कृपा भी प्राप्त होती है।




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