महिला आरक्षण बिल अटका, इंदौर में मैराथन रद्द और परिषद में हंगामा

 

Women's Reservation Bill Stalled; Marathon Cancelled in Indore, Uproar in Council

इंदौर | लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े संविधान संशोधन का बिल मंजूर नहीं हो पाया। इस बिल के मंजूर होने की उम्मीद के साथ इंदौर में एक मैराथन आयोजित की गई थी, लेकिन बिल के अटकने के कारण सारी तैयारियां धरी रह गईं। मैराथन निरस्त हो गई और कई धावकों को उल्टे पांव अपने घर लौटना पड़ा।

इसके अलावा नगर निगम परिषद हाल में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया था। बिल मंजूर नहीं होने के बावजूद सम्मेलन तो आयोजित किया गया, लेकिन उसमें बहुमत के आधार पर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। सम्मेलन में कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच इस बिल को लेकर काफी देर तक बहस हुई और कई बार हंगामे की स्थिति भी बनी। भाजपा की महिला पार्षद काले कपड़े पहनकर आई थीं।

मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि 2026 में देश की जनसंख्या डेढ़ सौ करोड़ है, जिनमें से 75 करोड़ महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए 545 सीटों को बढ़ाकर 850 सीटें करने का संविधान संशोधन सदन में आया था। वह केवल इसलिए गिर गया क्योंकि समाजवादी पार्टी ने 68 प्रतिशत से ज्यादा अपने परिवार को आरक्षण दे रखा है। कांग्रेस ने पचास प्रतिशत से ज्यादा दे रखा है। टीएमसी ने शत-प्रतिशत आरक्षण दे रखा है, लेकिन महिला आरक्षण की बात आई तो उसका विरोध किया। देश में जब भी कोई ऐतिहासिक काम करने की बात आई, तो कांग्रेस ने उसका विरोध किया है।

Women's Reservation Bill Stalled; Marathon Cancelled in Indore, Uproar in Council


नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि भाजपा की कहीं भी महिला वर्ग को सशक्त करने की सोच नहीं है। जो कानून बन चुका है, उसे लागू करने में भाजपा सरकार पीछे क्यों हट रही है? 2026 में जनगणना 2027 तक खत्म होगी। एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग की महिलाओं को आरक्षण कैसे मिलेगा, यह भी बिल में सुनिश्चित करना पड़ेगा, जो इस बिल में नहीं है।

Post a Comment

0 Comments