निगम में फेरबदल: अंततः श्रृंगार श्रीवास्तव से छीना गया राजस्व विभाग

 


निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बेहतर कामकाज के लिए तीन अपर आयुक्त के कार्यों में किया बदलाव 

तलाश समाचार, इंदौर

इंदौर नगर निगम में लंबे समय से विवादों में राजस्व विभाग को लेकर आखिरकार बड़ा फैसला लिया गया है। अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव से राजस्व विभाग की जिम्मेदारी वापस लेकर उन्हें उद्यान और रीजनल पार्क का जिम्मा सौंपा  गया है।

निगमायुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब राजस्व विभाग का कामकाज अपर आयुक्त आकाश सिंह संभालेंगे। वहीं एक अन्य फेरबदल में अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर को परिवहन और पार्किंग विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव के बाद निगम के गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

राजस्व विभाग मैं विवाद 

नगर निगम का राजस्व विभाग लंबे समय से विवादों में बना हुआ था। इसकी मुख्य वजह अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव की कार्यशैली को माना जा रहा था। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार, उनके द्वारा जारी किए गए कई आदेशों और कामकाज के तरीकों ने न केवल विभागीय प्रक्रिया को प्रभावित किया, बल्कि कर्मचारियों में असंतोष भी बढ़ाया।

बताया जाता है कि श्रीवास्तव ने यह निर्देश जारी कर दिया था कि किसी भी संपत्ति का खाता खोलना, नामांतरण करना या एनओसी जारी करना उनकी अनुमति के बिना संभव नहीं होगा। यहां तक कि संपत्ति खातों में छोटे-छोटे बदलाव के लिए भी उनकी मंजूरी अनिवार्य कर दी गई थी। इससे कामकाज की गति धीमी पड़ गई और आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।


हुईं शिकायत 

राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने इस कार्यप्रणाली को लेकर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने पूर्व निगमायुक्त एवं वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा तक अपनी समस्याएं पहुंचाई थीं। इन शिकायतों के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि राजस्व विभाग में बड़ा बदलाव हो सकता है। आखिरकार निगमायुक्त ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए आदेश जारी कर दिया।

बैठकों में व्यवहार 

सूत्रों के अनुसार, विभागीय बैठकों में सहायक राजस्व अधिकारियों और बिल कलेक्टरों के साथ कथित तौर पर सख्त और अपमानजनक व्यवहार के मामले भी सामने आए थे। इन घटनाओं ने विभाग के भीतर असंतोष को और बढ़ा दिया।


छवि पर पड़ रहा था असर

लगातार विवादों और शिकायतों के चलते नगर निगम की छवि भी प्रभावित हो रही थी। मीडिया में भी यह मामला सुर्खियों में बना रहा। कई बार जानकारी मांगे जाने पर श्रीवास्तव ने विभागीय प्रक्रिया का हवाला देकर जवाब देने से बचने की कोशिश की, जिससे सवाल और गहरे होते गए।

कामकाज बेहतर होगा 

इस फेरबदल को  सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। नए जिम्मेदार अधिकारियों के साथ यह उम्मीद की जा रही है कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ेगी, वहीं कर्मचारियों और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।


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